15 सितंबर 2026: ₹579.23 करोड़ का DBT Transfer
15 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के 'संकल्प' सभागार में राहत वितरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसमें 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹7,000 प्रति परिवार की दर से कुल ₹579.23 करोड़ DBT के जरिए सीधे बैंक खातों में भेजे गए।
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत-बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। लाभार्थी परिवारों का विवरण जिलों से अंचल अधिकारियों की फील्ड रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया था।
2026 में बाढ़ से कितने जिले प्रभावित?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2026 में बाढ़ से 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायतें और 2,642 गांव प्रभावित हुए हैं। करीब 49.5 लाख लोग और 21 शहरों के 136 वार्ड भी बाढ़ की चपेट में आए। करीब 55,000 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित 15 जिले: पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, अरवल।
राहत कार्यों में 1,260 सामुदायिक रसोई चल रही हैं जिनसे 1.19 करोड़ से ज्यादा भोजन परोसा जा चुका है, 13 राहत शिविरों में 11,060 विस्थापित लोग रह रहे हैं, और पशुओं के लिए 13,121 क्विंटल चारा बांटा गया है।
दशहरा से पहले ₹7,000: 30 सितंबर को CM का निर्देश
30 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्वी और पश्चिम चंपारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बगहा, बैरिया, योगापट्टी व नौतन के राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दशहरा से पहले बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को ₹7,000 की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि त्योहार के दौरान आर्थिक राहत मिल सके।
29 सितंबर को बेल्ट्रान ने मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹15 करोड़ का योगदान भी दिया, जो बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता में इस्तेमाल होगा।
₹7,000 किसे मिला / किसे मिलेगा?
- परिवार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहता हो।
- क्षेत्र को प्रशासन ने राहत के लिए चिह्नित किया हो।
- परिवार का विवरण अंचल/प्रखंड स्तर की सूची में दर्ज हो।
- आपदा प्रबंधन विभाग से सत्यापन पूरा हो।
2025 में भी इसी प्रक्रिया से 12 जिलों के 6,51,602 परिवारों को ₹456.12 करोड़ DBT से दिए गए थे।
Bihar Badh Rahat List में अपना नाम कैसे देखें?
- अपने वार्ड सदस्य, मुखिया या पंचायत प्रतिनिधि से पूछें — सूची तैयार हुई है या नहीं, और उसमें आपका नाम दर्ज है या नहीं।
- प्रखंड कार्यालय (आपदा प्रबंधन शाखा) में जाकर परिवार का विवरण चेक करें।
- नाम मिल जाए तो बैंक खाता विवरण भी सही करवा लें — खाता आधार से लिंक और DBT enabled होना जरूरी है।
लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या करें?
अगर आपका परिवार वास्तव में बाढ़ से प्रभावित है और सूची में नाम नहीं दिख रहा है, तो पहले अपने वार्ड सदस्य या मुखिया से संपर्क करें। वहां से जानकारी न मिलने पर प्रखंड कार्यालय में संबंधित आपदा प्रबंधन शाखा से संपर्क किया जा सकता है।
बिहार की राहत व्यवस्था में प्रभावित परिवारों का डेटा प्रशासनिक स्तर से दर्ज और सत्यापित किया जाता है। इसलिए केवल किसी WhatsApp या Telegram पर घूम रही सूची को अंतिम मान लेना ठीक नहीं है।
Bihar Badh Rahat Form PDF कैसे डाउनलोड करें?
बाढ़ राहत का Form PDF नीचे दिए लिंक से डाउनलोड करें। फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें और दस्तावेज साथ रखें। कौन-सा फॉर्म किस जिले में स्वीकार होगा, ये स्थानीय प्रशासन की प्रक्रिया पर निर्भर करता है — जमा करने से पहले प्रखंड कार्यालय से पुष्टि जरूर कर लें।
Bihar Badh Rahat के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (DBT वाला खाता)
- मोबाइल नंबर
- विवाहित आवेदक के मामले में पत्नी का आधार कार्ड
- माता-पिता का आधार कार्ड (जहां मांगा जाए)
₹7,000 की राशि बैंक खाते में कैसे आएगी?
15 सितंबर 2026 को ₹579.23 करोड़ की राशि DBT से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई। इसलिए बैंक खाता आधार से लिंक और DBT enabled होना जरूरी है — खाते में कोई दिक्कत हो तो बैंक से तुरंत ठीक करवाएं।
🔗 ज़रूरी Links — यहाँ से सीधे जाएँ
| 🌐 Official Website | Bihar Disaster Management Department → |
| 📄 Form PDF | Form PDF देखें → |
| 🌐 Aapda Sampoorti | Portal देखें → |
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